बलात्कार प्रयास मामले में भाजपा नेता को हाईकोर्ट से नहीं मिली राहत

जोधपुर/उदयपुर। बहुचर्चित बलात्कार प्रयास मामले में फंसे भाजपा नेता अनिल जरौली को राजस्थान उच्च न्यायालय से कोई अंतरिम राहत नहीं मिली है। 38/25 धारा में दर्ज इस मामले में पीड़िता ने उदयपुर के घंटाघर थाने में अनिल जरौली के खिलाफ रिपोर्ट दी थी, जिसमें उन पर दुष्कर्म के प्रयास का आरोप लगाया गया है।

Rajasthan High Court

अनिल जरौली ने अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए उच्च न्यायालय में प्राथमिकी रद्द करने की याचिका दायर की थी। इस याचिका पर आज न्यायमूर्ति कुलदीप माथुर की एकलपीठ में सुनवाई हुई। राज्य की ओर से लोक अभियोजक नरेंद्र गहलोत एवं एजीए ओमप्रकाश चौधरी उपस्थित हुए, जबकि पीड़िता की ओर से अधिवक्ता अभिषेक पारीक ने पक्ष रखा।

पीड़िता की ओर से अदालत को बताया गया कि अनिल जरौली पर लगाया गया अपराध अत्यंत गंभीर प्रकृति का है, जिसमें बलात्कार का प्रयास और महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने जैसी धाराएं शामिल हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने न तो एफआईआर रद्द की और न ही अनिल जरौली को कोई अंतरिम राहत दी।

अदालत ने अगली सुनवाई की तारीख 11 जुलाई तय करते हुए लोक अभियोजक को निर्देश दिया कि वे उस दिन तक केस डायरी प्रस्तुत करें।