जयपुर। बरसात की रिमझिम फुहारों ने नाहरगढ़ की पहाड़ियों को हरियाली की चादर से ढक दिया है। चारों ओर ताजगी से भरा मौसम, कोहरे से ढकी वादियाँ और प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेने के लिए सैलानियों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। बीते रविवार को नाहरगढ़ फोर्ट पर 6103 पर्यटक पहुंचे, जो इस सीजन की अब तक की सबसे बड़ी संख्या है।

सप्ताहभर में जब-जब वर्षा हुई, उसके तुरंत बाद हजारों की संख्या में पर्यटक नाहरगढ़ पहुंचे। विशेष रूप से वीकेंड और छुट्टियों में यह संख्या दोगुनी हो जाती है। मानसून के चलते पहाड़ियों से बहती छोटी जलधाराएं, बरसाती कोहरा और चारों ओर हरियाली का नज़ारा नाहरगढ़ को पर्यटकों के लिए और भी आकर्षक बना रहा है।
पर्यटन विभाग को मिली राहत
इस बढ़ती पर्यटक संख्या से पर्यटन विभाग और स्थानीय व्यापारियों को राहत मिली है। होटल, लॉज, कैफे, टैक्सी और गाइड सेवाओं की मांग में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। विभागीय आँकड़े बताते हैं कि इस मानसून के शुरुआती दिनों में ही विज़िटर्स की संख्या तेजी से बढ़ी है। पर्यटन सुपरवाइजर मनीष माथुर ने बताया कि 29 मई को 1630, 31 मई को 2028, 1 जून को 3000, 2 जून को 1862, 3 जून को 4025 पर्यटक पहुंचे। गर्मी के कारण कुछ दिनों तक गिरावट रही, लेकिन 29 जून को 6103 सैलानियों के भ्रमण ने रिकॉर्ड तोड़ दिया।
प्रशासन मुस्तैद, पर्यटकों को सलाह
जिला प्रशासन और पर्यटन विभाग ने भीड़ को देखते हुए अतिरिक्त व्यवस्थाएं सुनिश्चित की हैं। सुरक्षा, साफ-सफाई और ट्रैफिक प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। साथ ही, पर्यटकों को फिसलन वाले क्षेत्रों में सतर्क रहने और केवल निर्धारित मार्गों पर चलने की सलाह दी गई है।
राजस्व और विकास की उम्मीद
गौरतलब है कि पिछले वित्तीय वर्ष में नाहरगढ़ किले से करीब 5.25 करोड़ रुपये का पर्यटन राजस्व प्राप्त हुआ था। पीक सीजन में यह संख्या औसतन 10 हजार पर्यटकों प्रतिदिन तक पहुंच जाती है। ऐसे में मानसून के इस आगाज़ ने पर्यटन क्षेत्र में नए रिकॉर्ड की उम्मीद जगा दी है।
Bhupendra Singh Chundawat is a seasoned technology journalist with over 22 years of experience in the media industry. He specializes in covering the global technology landscape, with a deep focus on manufacturing trends and the geopolitical impact on tech companies. Currently serving as the Editor at Udaipur Kiran, his insights are shaped by decades of hands-on reporting and editorial leadership in the fast-evolving world of technology.

