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तेरह अखाड़ों की पेशवाई संपन्न, अब होंगे शाही स्नान

तेरह अखाड़ों की पेशवाई संपन्न, अब होंगे शाही स्नान

शाही अंदाज में श्री पंचायती अखाड़ा निर्मल पहुंचा कुम्भ

तेरह अखाड़ों की पेशवाई यात्रा संपन्न: दिलीप कुमार

कुम्भ नगरी (प्रयागराज), 14 जनवरी (उदयपुर किरण). अपने शाही अंदाज में हाथी, घोड़े एवं भव्य झांकियों के साथ श्री पंचायती अखाड़ा निर्मल रविवार शाम संगम की रेती पर बने छावनी में पहुंचे. कुम्भ मेला वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सामने अखाड़े के श्री महन्त सहित सभी संतों का पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने भव्य स्वागत किया. सभी तेरह अखोड़े कुम्भ में पहुंच चुके हैं, अब तिथि अनुसार शाही स्नान होगा.

पेशवाई जुलूस की अगुवाई श्री पंचायती अखाड़ा निर्मल के श्री महन्त ज्ञान देव सिंह महाराज कर रहे थे. पेशवाई शोभा यात्रा में अखाड़े के देवता श्री गुरू गोविन्द सिंह महाराज और गुरूग्रन्थ साहब चांदी के हौदी में अपने रथ पर विराजमान थे. शोभा यात्रा में एक दर्जन से अधिक घोड़े, ऊंट एवं हाथी पर सवार होकर संत चल रहे थे. कई बैंड बाजे और भव्य झांकियां चल रही थी. पेशवाई मार्ग पर संतों की गुलाब की फूलों से वर्षा करके भक्तों ने स्वागत करते रहे और उनके दर्शन पाने के लिए पेशवाई मार्ग के दोनों तरफ भक्त खड़े हुए थे. पेशवाई मार्ग को स्वच्छ रखने के लिए अखाड़े के सेवक आगे-आगे सफाई करते हुए चल रहे थे. पेशवाई शोभा यात्रा में प्रमुख रूप से श्री महन्त ज्ञानदेव सिंह महाराज, अचार्य महामण्डलेश्वर, स्वामी साक्षी महाराज, महामण्डलेश्वर जनार्दन गिरि महाराज, महामण्डलेश्वर नानकदास महाराज, सहित कई संत रथों पर सवार होकर चल रहे थे.

पेशवाई कुम्भ मेला क्षेत्र के संगम रेती पर पहुंचने से पूर्व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय कुम्भ मेला के सामने पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने माला पहनाकर स्वागत किया. उसके बाद हरिहर आरती के समीप संतों का पुष्पवर्षा करके स्वागत किया गया. पेशवाई यात्रा संगम की रेती पर स्थित छवनी में देर शाम पहुंचा.

उप मेलाधिकारी दिलीप कुमार त्रिगुणायत ने बताया कि अखाड़ों की पेशवाई का आज अन्तिम दिन है. सबसे अन्तिम में श्री पंचायती अखाड़ा निर्मल ने कुम्भ क्षेत्र में प्रवेश किया. अखाड़ों की पेशवाई एक परम्परा है. इसका इन्तजार लोगों को रहता है. इस कुम्भ के बाद आने वाले कुम्भ में ऐसा मनोहर दृश्य दिखाई देगा.

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