उदयपुर – शहर के ऐतिहासिक माजी के मंदिर में क्रीड़ा भारती उदयपुर जिला (चित्तौड़ प्रांत) द्वारा सामूहिक सूर्य सप्तमी महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। इस धार्मिक अवसर पर सभी सनातन भक्तों ने सामूहिक सूर्य नमस्कार किया और हनुमान चालीसा का पाठ कर धर्म और आस्था का परिचय दिया।

क्रीड़ा भारती के प्रांतीय प्रचार प्रमुख शशांक टांक ने बताया कि यह महोत्सव क्रीड़ा भारती के छह प्रमुख आयोजनों में से एक है। इसका मुख्य उद्देश्य युवाओं को खेलों के माध्यम से सनातन धर्म और संस्कृति से जोड़ना तथा स्वस्थ जीवनशैली को अपनाने के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने कहा कि संगठन का मूल उद्देश्य “खेलों से निर्माण चरित्र का, और चरित्र से निर्माण राष्ट्र का” है और इसी संकल्प के साथ क्रीड़ा भारती विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम आयोजित करता रहता है।
कार्यक्रम में क्रीड़ा भारती के प्रांतीय अध्यक्ष देवनारायण धायभाई एवं उपाध्यक्ष विक्रम सिंह चंदेला विशेष रूप से उपस्थित रहे। दोनों ने अपने संबोधन में कहा कि सनातन संस्कृति को संजोए रखना और समाज में खेलों व आध्यात्मिकता के प्रति जागरूकता बढ़ाना आज के समय की महती आवश्यकता है।
माजी मंदिर संघर्ष समिति का सहयोग
माजी मंदिर संघर्ष समिति की ओर से इस कार्यक्रम को माजी मंदिर परिसर में आयोजित करने का आग्रह किया गया था, ताकि इस ऐतिहासिक मंदिर के प्रति जनचेतना और आस्था को और अधिक बल मिले। समिति के सदस्य निर्मल चौबीसा ने बताया कि माजी मंदिर सनातन संस्कृति की अमूल्य धरोहर है, जहां अधिक से अधिक भक्तों को आकर धार्मिक आयोजनों में सहभागिता करनी चाहिए। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से अनुरोध किया कि वे इस मंदिर में धार्मिक आयोजनों को बढ़ावा दें, जिससे सनातन धर्म और संस्कृति की जड़ें और अधिक मजबूत हो सकें।
भविष्य में भी होंगे ऐसे आयोजन
इस कार्यक्रम में भक्तों की बड़ी संख्या में भागीदारी देखी गई, जिससे पूरे मंदिर परिसर में आध्यात्मिक वातावरण बना रहा। आयोजकों ने यह भी घोषणा की कि भविष्य में इसी तरह के धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिससे समाज में सनातन संस्कृति का प्रचार-प्रसार हो और युवा पीढ़ी भारतीय मूल्यों को आत्मसात कर सके।
Bhupendra Singh Chundawat is a seasoned technology journalist with over 22 years of experience in the media industry. He specializes in covering the global technology landscape, with a deep focus on manufacturing trends and the geopolitical impact on tech companies. Currently serving as the Editor at Udaipur Kiran, his insights are shaped by decades of hands-on reporting and editorial leadership in the fast-evolving world of technology.




