Tuesday , 17 September 2019
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जन्माष्टमी पर पश्चिम बंगाल के मंदिर में भगदड़, पांच की मौत, 14 घायल

जन्माष्टमी पर पश्चिम बंगाल के मंदिर में भगदड़, पांच की मौत, 14 घायल

कोलकाता, 23 अगस्त (उदयपुर किरण). उत्तर 24 परगना जिले के बसीरहाट स्थित ग्राम कोचुआ लोकनाथ मंदिर में जन्माष्टमी पर जल अर्पण के लिए उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच लकड़ी की बाउंड्री गिरने के बाद भगदड़ मच गई. इसमें दबकर तीन महिलाओं सहित पांच लोगों की मौत हो गई है जबकि 14 लोग घायल हो गए हैं. इसमें कुछ लोगों की हालत गंभीर है. राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये, गंभीर घायलों लोगों को एक-एक लाख और सामान्य घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है.

पुलिस के मुताबिक मृत महिला की पहचान पूर्णिमा गोराई (47) के रूप में की गई है. वह उत्तर 24 परगना जिले के राजारहाट नाई पुकुर की निवासी थी. दुर्घटना के ठीक बाद पूर्णिमा की मौत हो गई थी. दूसरे मृतक की पहचान अपर्णा सरकार के तौर पर हुई है जो बसीरहाट के स्वरूपनगर थाना अंतर्गत दत्तापारा की निवासी थीं. तीसरे मृतक की पहचान हासनाबाद थाना इलाके के निवासी तरुण मंडल के तौर पर हुई है. इन दोनों की मौत नेशनल मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इलाज के दौरान दोपहर बाद हुई. जबकि बाकी के दो अन्य मृतकों में से एक का नाम सोनाइका दास है. वह भी बसीरहाट के हासनाबाद थाना अंतर्गत नोआपाड़ा की निवासी थीं जबकि पांचवें व्यक्ति की पहचान अभी नहीं हो सकी है.

पुलिस ने बताया है कि वह अधेड़ उम्र के पुरुष हैं. उनकी पहचान सुनिश्चित करने की कोशिशें तेज कर दी गई है. इन दोनों की मौत देर शाम एसएसकेएम अस्पताल में हुई है. इन सभी लोगों ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ा. मुख्यमंत्री बनर्जी पीड़ितों से मिलने के लिए नेशनल मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचीं. वहां से एसएसकेएम अस्पताल गई जहां अन्य घायलों को रखा गया था. उन्होंने मृतक के परिजनों को पांच लाख की आर्थिक मदद देने की घोषणा की है. इसके साथ ही गंभीर रूप से घायलों के परिजनों को एक लाख रुपये और सामान्य घायलों को 50 हजार रुपये की आर्थिक मदद देने की घोषणा की है. इसके अलावा अस्पताल में इलाजरत घायलों का सारा खर्च सरकार उठाएगी.

उधर भाजपा ने राज्य प्रशासन पर अव्यवस्था का आरोप लगाया है. प्रदेश महासचिव सायंतन बसु ने हिन्दुस्थान समाचार से बातचीत में कहा कि हर साल लोकनाथ बाबा के मंदिर में भारी भीड़ उमड़ती है. श्रद्धालुओं के जमघट को देखते हुए पुलिस को इसकी पुख्ता व्यवस्था करनी चाहिए थी. इतनी बड़ी संख्या में लोग यहां एकत्रित होते हैं, फिर भी मंदिर के पास मौजूद तालाब के सामने बांस की बाउंड्री क्यों बनाई गई थी? जब लोगों की भीड़ काफी अधिक थी तब पुलिस ने सुरक्षा की व्यवस्था किए बगैर अनुमति क्यों दी? अव्यवस्था के कारण लोगों की मौत हुई है. प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने इस घटना की उच्चस्तरीय न्यायिक जांच कराने की मांग की है.

पुलिस ने बताया कि घटना गुरुवार देर रात 2:15 बजे की है. लोकनाथ मंदिर में इतनी अधिक भीड़ थी कि मंदिर के बाहर मौजूद तालाब के चारों ओर बनाया गया लकड़ी और बांस की बाउंड्री टूटकर लोगों पर गिर पड़ी.  मुख्यमंत्री के निर्देश पर खाद्य प्रसंस्करण मंत्री एवं उत्तर 24 परगना जिले के तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष ज्योतिप्रिय मल्लिक मौके पर पहुंचे. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अब लोकनाथ मंदिर के प्रवेश पथ को नियंत्रित करेगी. यहां की सड़क और प्रवेश द्वार को ऐसा बनाया जाएगा कि एक-एक कर लोग प्रवेश करें. मंत्री ने कहा कि किसने उन स्टालों को लगाने की अनुमति दी, यह जांचा जाना चाहिए.

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