Wednesday , 16 October 2019
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जगत्सृष्टा त्रिनेत्रधारी भगवान विश्वकर्मा दिवस पर यज्ञ व हवन हुए

जगत्सृष्टा त्रिनेत्रधारी भगवान विश्वकर्मा दिवस पर यज्ञ व हवन हुए

बांसवाड़ा/जम्बूखण्ड निजी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान,कलिंजरा में मंगलवार को जगत्सृष्टा त्रिनेत्रधारी भगवान विश्वकर्मा दिवस धूमधाम से मनाया गया. इस अवसर पर पंडित श्री गिरीश भट्ट के आचार्यत्व में श्रीफल हवन वेद ऋचाओं के साथ किया गया. ऋग्वेद, यजुर्वेद की ऋचाओं के साथ विश्वशंाति की प्रार्थना की गई. लोकदेवता विश्वकर्मा से  क्षेत्र में कुशल विकास एवं सर्वत्र शांति की प्रार्थना की गई.

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जम्बूखण्ड आई.टी.आई. के प्राचार्य श्यामजी शर्मा ने कहा कि विश्वकर्मा एवं कुशल इन्जीनियर, वास्तुशिल्पी एवं कुशल वास्तुकार थे. महाभारत काल में हस्तिनापुर पाण्डव काल की उत्कृष्ट संरचना थी. इस अवसर पर संस्था सचिव डॉ. दिनेश भट्ट ने कहा कि विश्वकर्मा ब्रह्मा के पुत्र वास्तु की सन्तान थे एवं ब्रह्माजी ने जब ब्रह्माण्ड में रचना का कार्य किया इसमें विश्व निर्माण में विश्वकर्माजी को इसका उत्तरदायित्व सौपा था. विश्वकर्माजी ने अपने कुशल नेत्तृव से सुन्दर पृथ्वी एवं उत्कृष्ट वास्तु शिल्प से अदभुत रचनाओं को अंजाम दिया. ऋग्वेद में दधिचि ऋषी की अस्थियों से वज्रअस्त्र का निर्माण देवाधिदेव इंद्र के लिये विश्वकर्माजी ने ही किया जो ब्रह्मास्त्र के रूप में जाना गया. इस प्रकार अद्भुत शैली, कौशल, वास्तु, शिल्प के जनक के रूप में विश्वकर्माजी को जाना जाता है.

कार्यक्रम का समापन गोष्ठी के रूप में किया गया. गोष्ठी में शिक्षक प्रशिक्षण के प्राचार्य श्री लक्ष्मण कटारा ने अपने विचार रखें. जम्बूखण्ड महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सोमेश्वर गरासिया ने विश्व निर्माण के लिये लोक देवता श्री विश्वकर्माजी को नमन किया. कार्यक्रम में हेमन्त बारोड, कैलाश पटेल, पुष्पेन्द्र कुशवाह, नरेश पटेल, मनीष राठौड़, दिव्या पटेल, राहुल जोशी, दिनेश पटेल, मानसिंह निनामा आदि उपस्थित रहे. कार्यक्रम का संचालन अक्षयराज पाटीदार ने किया आभार हेमांक पटेल ने माना.

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