Tuesday , 17 September 2019
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डायलिसिस का विकल्प हो सकती है होमियोपैथी

डायलिसिस का विकल्प हो सकती है होमियोपैथी

प्रयागराज, 26 अगस्त (उदयपुर किरण). होमियापैथिक दवाओं का सेवन डायलिसिस के मरीजों के लिए रामबाण साबित हो सकता है.  इससे मरीज एक दिन की डायलिसिस से मुक्त भी हो सकता है. यह बातें पूर्व जिला होमियोपैथिक चिकित्साधिकारी प्रतापगढ़ डॉ. आर.के श्रीवास्तव ने कही. वे इण्डियन होमियोपैथिक आर्गनाइजेशन प्रयागराज यूनिट के तत्वावधान में वाईएमसीए में सोमवार को क्रोनिक किडनी डिजीज और होमियोपैथी विषय पर आयोजित वैज्ञानिक संगोष्ठी में बोल रहे थे.

उन्होंने कहा कि अगर लक्षणों पर व्यापक दृष्टिकोण रखकर होमियोपैथिक दवाओं का सेवन किया जाय तो डायलिसिस के मरीजों को बेहतर लाभ मिल सकता है, डायलिसिस की संख्या घटते-घटते रूक भी सकती है. आईएचओ के सचिव डॉक्टर अजय श्रीवास्तव ने क्लीनिकल अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि शुरू में अगर मरीज होमियोपैथी दवाएं लेने लगे तो स्थिति को संभाला जा सकता है. गुर्दे की बीमारियों में होमियोपैथिक दवाएं रामबाण की तरह काम करती है. अगर लक्षणों का सही चयन हो व उस पर निर्धारित सही दवा दी जाए तो गुर्दे की बीमारियों को काफी हद तक सही किया जा सकता है.

आईएचओ के अध्यक्ष डॉ. रमन ने कहा कि लाइकोपोडियम, एलसीरम, टेरबिन्थ आदि होमियोपैथिक दवाएं गुर्दे के रोगों में खासा कारगर हैं. डॉ. एसएन मिश्रा ने प्रोटीन एवं नमक के संतुलन पर चर्चा करते हुए कहा कि ऐसे मरीजों को क्रिटिनिन पर बराबर नजर रखना चाहिए.

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