Tuesday , 17 September 2019
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चंद्रबाबू नायडू और लोकेश घर में नजरबंद

चंद्रबाबू नायडू और लोकेश घर में नजरबंद

YSRCP और TDP के बीच टकराव चरम पर

अमरावती . आंध्र प्रदेश में मौजूदा वाईएसआरसीपी सरकार और पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू की तेलुगू देशम पार्टी के बीच जारी टकराव ने बड़ा मोड़ ले लिया. पूर्व सीएम नायडू पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओ के साथ गुंटूर जिले में सरकार के विरोध में रैली करने वाले थे.

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अमरावती में बुधवार को अपने घर पर मीडिया से बात करते चंद्रबाबू नायडू.

हालांकि, रैली की इजाजत न मिलने पर उन्होंने भूख हड़ताल करने का फैसला किया जिसके बाद उन्हें और उनके बेटे नर लोकेश को उनके घर में ही नजरबंद कर दिया गया है. नायडू ने इसके बावजूद रैली में जाने की कोशिश की जिसके बाद उनके घर का मेन गेट बंद कर दिया गया.

दरअसल, टीडीपी ने बुधवार को गुंटूर के पलनाडू में ‘चलो आत्मकूरु’ रैली बुलाई थी. पार्टी YSRCP सरकार में राजनीतिक हिंसा के आरोप में रैली करने वाली थी. हालांकि, आंध्र प्रदेश पुलिस ने पार्टी को रैली की इजाजत दिए जाने से इनकार कर दिया और नरसरावपेटा, सत्तेनापल्ले, पलनाडू और गुराजला में धारा 144 लागू कर दी गई. पुलिस ने राज्य में TDP के कई नेताओं को भी नजरबंद कर दिया.

TDP चीफ चंद्रबाबू नायडू सुबह 9 बजे आत्मकूरु के लिए निकलने वाले थे लेकिन उन्हें रोक दिया गया. इसके बाद उन्होंने अपने घर पर ही 12 घंटे तक भूख हड़ताल का ऐलान किया. उन्होंने TDP काडर से भी भूख हड़ताल रखने को कहा. बाद में उन्हें और उनके बेटे नर लोकेश को नजरबंद कर दिया गया.

हालांकि, इसके बावजूद नायडू ने रैली में जाने की कोशिश लेकिन पुलिस ने उनके घर का मेन गेट बंद कर दिया. टीडीपी के साथ ही वाईएसआरसीपी के नेताओं को भी नजरबंद किया गया है ताकि उन्हें टीडीपी के जवाब में रैली करने से रोका जा सके.

नायडू ने इसे सरकार के हाथों मानवाधिकारों और मूलभूत अधिकारों का हनन बताया है. उन्होंने कहा, ‘मैं सरकार को चेतावनी देता हूं. मैं पुलिस को चेतावनी देता हूं. आप इस तरह की राजनीति नहीं कर सकते हैं. आप हमें गिरफ्तार करके कंट्रोल नहीं कर सकते. वे जब भी हमें इजाजत देंगे, मैं ‘चलो आत्माकूरु’ को जारी रखूंगा.’ वहीं, लोकेश ने भी पूरे घटनाक्रम को तानाशाही बताया है. उन्होंने आरोप लगाया है कि उन लोगों को गैरलोकतांत्रिक तरीके से रोका गया है.

उन्होंने कहा, ‘टीडीपी नेताओं और कार्यकर्ताओं को प्रताड़ित किया जा रहा है. YSRCP विधायकों ने हमे खुलेआम धमकाया है, उनका कहना है कि पुलिस उनके साथ है.’ उन्होंने कहा कि सत्ताधारी दल उनकी पार्टी को राज्य में खत्म करने की कोशिश कर रहा है. लोकेश ने कहा, ‘हम लोकतांत्रिक तरीकों से अपना काम करेंगे लेकिन हमारे नेतृत्व को नजरबंद कर दिया गया. यह लोकतंत्र की हत्या है.’

टीडीपी काडर ने रैली की इजाजत न देने और नायडू को नजरबंद किए जाने के बाद उनके घर पर जमकर नारेबाजी की. पुलिस के साथ कार्यकर्ताओं की झड़प भी हुई जिसके बाद टीडीपी युवा ईकाई के अध्यक्ष देविनानी अविनाश के साथ ही कई कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया. उधर, सीनियर टीडीपी नेता अय्यन्ना पत्रादू को विजयवाड़ा रेलवे स्टेशन पर हिरासत में ले लिया गया.

विशाखापट्नम ईस्ट के विधायक वेलागपुडी रामकृष्ण बाबू और पूर्व विधायक पीला गोविंद को गिरफ्तार कर पुन्नामी गेस्ट हाउस भेज दिया गया. पूर्व मंत्री और टीडीपी नेता भूमा अखिला प्रिया को हिरासत में ले लिया गया. पूर्व टीडीपी विधायक तांगिराला सौम्या को नंदिगामा और विधायक वाईवीबी राजेंद्र प्रसाद को भी उय्युरू में अपने घर में नजरबंद कर दिया गया.


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