Sunday , 26 May 2019
Breaking News
बिना पुरुषों के हज यात्रा पर केरल की 86% महिलाएं

बिना पुरुषों के हज यात्रा पर केरल की 86% महिलाएं

MUSLIM WOMEN

इस्लाम में हज यात्रा को बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है कहा जाता है कि अगर कोई अपने परिवार के कर्तव्यों को पूरा कर लेता है उसे हज यात्रा पर जाना चाहिए. हालांकि पहले महिलाएं को अपने मेहरम यानी परिवरा के किसी पुरुष के साथ हज यात्रा पर जाने की इजाजत थी. लेकिन पिछले साल भारत और सऊदी अरब के बीच हुई बातचीत के बाद महिलाओं को हज यात्रा पर जाने की आजादी मिली.  जिसका सबसे ज्यादा फायदा केरल की महिलाओं ने उठाया है.

हाल ही में जारी किए गए सरकारी डेटा के मुताबिक इस साल भारत से सऊदी अरब हजयात्रा पर अकेले बिना किसी पुरुष साथी के जाने वाली महिलाओं में 86 प्रतिशत महिलाएं केरल से होंगी.

डेटा के अनुसार अकेले जाने वाली 2,340 महिलाओं में से 2,011 महिलाएं केरल से हैं. दिलचस्प बात ये है कि केरल से हजयात्रा पर जाने के लिए मिले आवेदन में पुरुषों से ज्यादा आवेदन महिलाओं के हैं.

पिछले साल सरकार ने नियमों में बदलाव करते हुए 45 साल से ज्यादा उम्र की महिलाओं को अकेले हज जाने की इजाजत दी थी. डेटा का देखकर लगता है कि केरल की महिलाओं ने इसका खूब फायदा उठाया हैं.

हालांकि पिछले साल भी अकेले हज यात्रा जाने वाली 1340 महिलाओं में से 1124 महिलाएं केरल से ही थी.

महिलाएं तो इस आजादी का फायदा उठा रही हैं. लेकिन कई संप्रदायिक लोग इसके आज भी लोग खिलाफ हैं. हज यात्रा पर अकेले महिलाओं को भेजने के खिलाफ लोगों का कहना है कि शरिया कानून के अनुसार,  एक महिला के लिए हज तब तक पूर्ण नहीं कहा जा सकता जब  तक कि वह मेहरम के साथ न हो.

वहीं बात करें दूसरे राज्यों से अकेले हज यात्रा पर जाने वाली महिलाओं की तो, डेटा के अनुसार दिल्ली से 12, बिहार से 9, छत्तीसगढ़ से 4, झारखंड से 4 महिलाएं अकेले हज जाएंगी. रिपोर्टस के अनुसार हज यात्रा पर जाने वाली महिलाओं में से ज्यादा उम्र की महिला 87 साल की हैं.


https://udaipurkiran.in/hindi

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*

Inline
Inline