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अगस्ता वेस्टलैंड: बिचौलिए सुशेन मोहन गुप्ता की जमानत याचिका खारिज

अगस्ता वेस्टलैंड: बिचौलिए सुशेन मोहन गुप्ता की जमानत याचिका खारिज

नई दिल्ली, 20 अप्रैल (उदयपुर किरण). दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने अगस्ता वेस्टलैंड मामले में गिरफ्तार बिचौलिए सुशेन मोहन गुप्ता की जमानत याचिका खारिज कर दी है. पिछले 15 अप्रैल को कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था.

जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान ईडी ने कहा था कि 2016 में सुशेन ने इस बात से इनकार किया था कि वो मारीशस के इंटरस्टेलार टेक्नॉलॉजीज को जानता है. हालांकि बाद में ये पता चला कि सुशेन उस कंपनी को फंड ट्रांसफर करने का निर्देश देता है. तब सुशेन के वकील ने कहा था कि सुशेन को जब भी जांच के लिए बुलाया गया है, उसने जांच में सहयोग किया है. तब ईडी ने कहा था कि जब इस मामले में राजीव सक्सेना सरकारी गवाह बनना चाहता था तो सुशेन उसे ऐसा करने से रोकने के लिए दुबई गया था. उसने सभी गवाहों को फोन कर कोई बात नहीं बताने को कहा था. उसने साक्ष्यों को नष्ट करने की पूरी कोशिश की थी लेकिन वो ऐसा नहीं कर सका. नौ अप्रैल को ईडी ने जमानत याचिका पर अपना जवाब पेश किया था.

ईडी ने सुशेन की जमानत याचिका का विरोध किया था. आठ अप्रैल को कोर्ट ने सुशेन को 20 अप्रैल तक की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था. छह अप्रैल को सुशेन मोहन गुप्ता ने जमानत याचिका दायर की थी. तीन अप्रैल को कोर्ट ने सुशेन मोहन गुप्ता को छह अप्रैल तक की ईडी हिरासत में भेजा था. पिछले 30 मार्च को कोर्ट ने तीन अप्रैल तक की ईडी की रिमांड पर भेज दिया था. उसके पहले 26 मार्च को कोर्ट ने सुशेन को 30 मार्च तक की ईडी हिरासत में भेजा था. सुशेन के वकील ने उसे हिरासत में भेजे जाने का विरोध किया था. ईडी ने सुशेन को 25 मार्च की रात में गिरफ्तार किया था. ईडी ने कोर्ट से बताया कि सुशेन जांच में सहयोग नहीं कर रहा था इसी वजह से उसे हिरासत में लेकर पूछताछ करने की जरूरत है.

ईडी के मुताबिक सुशेन अगस्ता हेलीकॉप्टर डील समेत कई रक्षा सौदों में कथित तौर पर शामिल रहा है. ईडी के मुताबिक इस मामले में सरकारी गवाह बने राजीव सक्सेना से पूछताछ के बाद सुशेन की भूमिका का पता चला था. ईडी के मुताबिक सुशेन के पास अगस्ता हेलीकॉप्टर की खरीद में भुगतान संबंधी कुछ जानकहैं. ईडी सुशेन से उसके संपर्कों के बारे में पता करने की कोशिश कर रही है. इसलिए उससे हिरासत में पूछताछ की जरूरत है.


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