Sunday , 26 May 2019
Breaking News
गाजीपुर : मुकाबला बाहुबली बनाम विकासवाद के बीच

गाजीपुर : मुकाबला बाहुबली बनाम विकासवाद के बीच

विकास के नाम पर वोट मांग रहे मनोज सिंहा तो वोट की गुणागणित में माहिर हैं अफजाल अंसारी

लखनऊ, 20 अप्रैल (उदयपुर किरण). पूर्वी उत्तर प्रदेश की हाट सीटों में एक प्रमुख सीट गाजीपुर भी है, जहां पर बाहुबली मुख्तार अंसारी के भाई अफजाल अंसारी और विकास पुरुष के रूप में अपने समर्थकों में विख्यात केंद्र में राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) मनोज सिंहा के बीच सीधा मुकाबला है. वहीं कांग्रेस और जन अधिकार मंच के गठबंधन ने अजित कुशवाहा को मैदान में उतारा है. हालांकि गाजीपुर में कांग्रेस और जन अधिकार पार्टी का अस्तित्व न के बराबर है.

2014 के बाद मनोज सिंहा ने लोगों की अपेक्षाओं से भी ज्यादा काम कराया है. इस कारण उन्हें समर्थक विकास पुरूष के रूप में जानते हैं. वहीं जोड़-तोड़ की राजनीति में माहिर अफजाल अंसारी की मतदाताओं में दबंग की छवि रही है. वे विकास की जगह हमेशा व्यक्तिगत हितों की ओर ज्यादा ध्यान देते हैं. अफजाल अंसारी का पूरा परिवार गांव के छोटे-छोटे विवादों में भी अपने समर्थकों का हर तरह से सहयोग के लिए जाना जाता है.

2014 के चुनाव पर नजर डालें तो कांटे की टक्कर में मनोज सिंहा शिवकन्या कुशवाहा से मात्र 32000 वोट से जीत पाए थे, जबकि उस समय बसपा और सपा दोनों पार्टियाें ने अपने-अपने प्रत्याशी खड़े किये थे. यह बात जरूर है कि पिछले चुनाव में मनोज सिंहा क्षेत्र में पहले से कायम नहीं थे. चुनाव से पूर्व वे ज्यादा समय बनारस में ही बिता रहे थे. लगभग सक्रिय राजनीति से वे सन्यास ले चुके थे. इसी बीच उन्हें पार्टी ने टिकट दे दिया. आनन-फानन में उन्होंने चुनाव प्रचार शुरू किया. पहले तो उनका कोई समर्थक भी यह मानने को तैयार नहीं था कि मनोज सिंहा चुनाव भी जीत सकते हैं लेकिन मोदी लहर की देन थी कि वे चुनाव जीत गये.

इस बार मनोज सिंहा पांच साल तक अधिकांश हर शनिवार को गाजीपुर आ जाते और रविवार तक अपने समर्थकों की समस्याओं का निपटारा करते रहे. सुबह अफीम फैक्ट्री स्थित गेस्ट हाउस में उनसे मिलने के समर्थकों की लंबी लाइन लगती रही. मनोज सिंहा ने सड़क से लेकर स्कूल या रोजगार के संबंध में भी बहुत काम किया. इस कारण समर्थकों में काफी उत्साह है.

दूसरी तरफ महागठबंधन के उम्मीदवार अफजाल अंसारी जातिगत आधार पर फूट डालने से लेकर हर व्यक्ति को अलग-अलग तरीके से समझाने में माहिर हैं. उनके समर्थक भी हमेशा सही रिपोर्ट वहां तक पहुंचाते हैं, जिससे अफजाल को आगे की रणनीति बनाने में बहुत मुश्किल नहीं होती. अब मतदाता किसको जीत का सेहरा पहनाएगा यह तो आने वाला समय ही बताएगा लेकिन इतना जरूर है कि गाजीपुर में इस समय विकास बनाम बाहुबली की चर्चा तेज है.


https://udaipurkiran.in/hindi

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*

Inline
Inline