Monday , 20 May 2019
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भारत-म्यांमार की बड़ी कार्रवाई, उग्रवादियों के कई कैंप तबाह

भारत-म्यांमार की बड़ी कार्रवाई, उग्रवादियों के कई कैंप तबाह

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नई दिल्ली. भारतीय सेना ने म्यांमार में उसकी सेना के साथ मिलकर चलाए गए एक अभियान में एक उग्रवादी समूह से संबंधित 10 शिविरों को नष्ट कर दिया.

ऑपरेशन सनराइज नाम के इस अभियान में चीन समर्थित कचिन इंडिपेंडेंट आर्मी के एक उग्रवादी संगठन, अराकान आर्मी को निशाना बनाया गया.

भारत और म्यांमार की सेनाओं ने म्यांमार के क्षेत्र में उग्रवादियों के खिलाफ 17 फरवरी से दो मार्च तक समन्वित अभियान में उनके 12 ठिकानों को तबाह कर दिया.

यह अभियान कालादान मल्टीमॉडल ट्रांजिट परिवहन परियोजना पर संभावित खतरे को टालने के लिए चलाया गया. इस अभियान में 12 हजार ये ज्यादा भारतीय जवानों ने भाग लिया.

अधिकारी ने बताया कि अभियान का उद्देश्य म्यांमार के उग्रवादी समूह अराकान आर्मी के सदस्यों पर कार्रवाई करना था. हाल के समय में म्यांमार सीमा में दक्षिणी हिस्से में काफी संख्या में असम राइफल्स की टुकड़ी तैनात की गई थी.

असम राइफल्स ने म्यांमार सेना के साथ मिलकर उग्रवादियों के खिलाफ यह कार्रवाई की. उग्रवादी म्यांमार में कालादान परियोजना पर काम कर रहे भारतीय कर्मियों को हमले की धमकी देकर पैसे ऐंठने की कोशिश कर रहे थे.

यह परियोजना भारत द्वारा वित्तपोषित है. अधिकारी ने बताया कि अभियान के दौरान भारतीय सेना ने नगालैंड और मणिपुर से लगी सीमा के पास सुरक्षा बढ़ाई ताकि उग्रवादी भारत की ओर नहीं आ सकें.

सेना के अधिकारी ने बताया कि ऑपरेशन के दौरान म्यांमार की सेना को हमने सैन्य साजो सामान मुहैया कराए. इसके अलावा भारत ने म्यांमार सेना को रेडियो सेट भी दिए ताकि ऑपरेशन के दौरान दोनों सेनाओं में संपर्क रहे और किसी भी संभावित खतरे से बचा जा सके.

मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक सेनाओं ने म्यांमाई क्षेत्र में उग्रवादियों के खिलाफ 17 फरवरी से दो मार्च तक संयुक्त अभियान चलाया. भारतीय सेना ने म्यांमार को अभियान के लिए हार्डवेयर और उपकरण मुहैया कराए.

सूत्रों के अनुसार, तैनाती और कवर किए गए एरिया के मामले में यह अपनी तरह का पहला ऑपरेशन था. यह संयुक्त अभियान 17 फरवरी से 2 मार्च तक चला.

म्यांमार की सेना के साथ संयुक्त कार्रवाई में म्यांमार की अराकाम आर्मी पर हमला बोला गया. यह रोहिंग्याओं का गुट है और इसे चीन के साथ ही काचिन इंडिपेंडेंस आर्मी का भी समर्थन हासिल है.


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