Wednesday , 20 March 2019
Breaking News
उदयपुरवासियों को शीघ्र मिलेगा बकरी का दूध व दूध उत्पाद

उदयपुरवासियों को शीघ्र मिलेगा बकरी का दूध व दूध उत्पाद

उदयपुर, 15 मार्च (उदयपुर किरण). शीघ्र ही उदयपुर वासियों को बकरी दूध व दूध उत्पाद उपलब्ध होंगे. संयुक्त निदेशक डॉ. ललित जोशी ने बताया कि जिले के बकरी पालकों से बकरी दूध का संग्रहण कर पाश्च्युरीकृत दूध व दूध उत्पाद उदयपुर वासियों को सरस के बूथ के माध्यम से वाजिब दरों पर उपलब्ध कराए जाएंगे. इसी सन्दर्भ में शुक्रवार को राज. कृषि प्रतिस्पर्धा योजना के राज्य प्रोजेक्ट समन्वयक डॉ. कालरा ने जिला कलक्टर आनन्दी व पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ ललित जोशी को बताया कि वर्तमान में योजना राज्य के 12 जिलों में संचालित की जा रही है. शीघ्र ही योजना में उदयपुर जिलें को भी जोड़ा जायेगा. योजनान्तर्गत बकरी पालकों को राज्य सरकार द्वारा बकरी इकाई का वितरण किया जाता है.

जिला कलक्टर उदयपुर के मार्गदर्शन में पशुपालन विभाग उदयपुर, सरस डेयरी उदयपुर, राजविका व बॉयफ संस्था द्वारा पायॅलट प्रोजक्ट के रूप में जिलें में झाड़ोल पंचायत समिति के बाघपुरा क्षेत्र के बकरी पालकों से दूध संग्रहण कर उदयपुर डेयरी के माध्यम से दूध का प्रसंसकरण कर पाश्च्युरीकृत दूध व उत्पाद तैयार किये जायेंगे. प्रारम्भ में 200 व 500 एमएल की बॉटल पेकिंग में फ्लैवर्ड दूध सरस बूथों के माध्यम से उपलब्ध कराया जायेगा. इस योजना का उद्देश्य जहां बकरी पालकों को बकरी दूध का सही मूल्य दिलाना है. वहीं औषधीय गुणों से भरपुर बकरी दूध को पहचान दिलाना है. बाघपुरा क्षेत्र में बकरी पालकों की सहकारी समितियों व स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से बकरी पालकों को जोड़ा जा रहा है. प्रारम्भ में 1000 से 1500 लीटर तक प्रतिदिन दूध संग्रहण का लक्ष्य रखा गया है. इसे बाद में बढ़ाकर 5000 लीटर तक प्रतिदिन के लक्ष्य तक पहुंचाया जायेगा. इस संबध में गठित कमेटी में उदयपुर डेयरी के प्रबंध संचालक उमेश गर्ग, राजविका परियोजना अधिकारी जाफरीन, विभाग के डॉ राकेश पोखरना, डॉ चन्द्रशेखर भटनागर, डॉ सुरेन्द्र छंगाणी, डॉ ओम प्रकाश साहू ने विस्तार से कार्य योजना बनाई है.

बकरी दूध के अन्य उत्पाद चीज, पनीर इत्यादि तैयार करने हेतु डेयरी टेक्नोलोजी महाविधालय व पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान महाविधालय नवानिया के वैज्ञानिकों का भी सहयोग लिया जा रहा है. डॉ ओम प्रकाश साहू ने बताया कि बकरी दूध बच्चों में सुपाच्य व एंटीएलर्जिक है वही औषधीय गुणों से भरपूर होने से डेंगू जैसी बीमारी में अत्यन्त फायदेमंद है. बकरी के दूध में प्रोटीन, कैल्सियम, मैग्निशियम, फास्फोरस, पोटेशियम और विटामिन ए,बी,सी और डी की मात्रा गाय-भैंस के दूध से ज्यादा होती है. मैग्निशियम व मीडियम फैटी एसिड अधिकता से हृदय स्वस्थ रहता है एवं कॉलेस्ट्रोल को कम करता है. प्लेटलेट काउण्ट में तेजी से बढ़ोतरी करता है. सुपाच्य, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाला, एन्टीएलर्जिक व शरीर में सूजन कम करने का गुण प्रचुर मात्रा में होता है. लेक्टोज की मात्रा कम होने से लेक्टोज सेंसेटिव मनुष्यों के लिए अत्यन्त उपयोगी है.


http://udaipurkiran.in/hindi

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*

Inline
if:
Inline
if: