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चरही की दूधी नदी में हिम युग के अवशेष मिलने का भूगर्भ शास्त्रियों ने किया दावा

चरही की दूधी नदी में हिम युग के अवशेष मिलने का भूगर्भ शास्त्रियों ने किया दावा

भूगर्भ विशेषज्ञों ने किया दौरा, 30 करोड़ साल पूर्व के अवशेष का खुलासा

हजारीबाग, 14 जनवरी (उदयपुर किरण).हजारीबाग जिले के चरही में स्थित दूधी नदी में हिम युग के अवशेष मिलने का दावा भूगर्भ शास्त्रियों ने किया है. कहा गया है कि न केवल यहां 30 करोड़ साल पूर्व रहे हिम युग के अवशेष मिले हैं, बल्कि यहां समुद्र होने के प्रमाण भी उपलब्ध हैं. सबसे आश्चर्यजनक यह है कि इस नदी में करीब एक से ढेड़ किलोमीटर की दूरी में ही हिम युग और समुद्र होने के अवशेष मिलते हैं. इसको लेकर आज विनोबा भावे विश्वविद्यालय के पूर्व कुलसचिव डाॅ. एसके सिन्हा, भूगर्भ विभाग के विभागाध्यक्ष डाॅ. एचएन सिन्हा, जियोलाॅजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के विशेषज्ञ, आईआईटी रूड़की के विशेषज्ञ एवं टाटा स्टील के भूगर्भ शास्त्री ने रविवार को क्षेत्र का दौरा किया.

इस संबंध में डाॅ. एसके सिन्हा ने कहा कि अगले वर्ष मार्च में विदेशी भूगर्भ शास्त्री भी इस नदी में प्राप्त अवशेषों के बारे में शोध करने यहां पहुंचेंगे. उन्होंने बताया कि मार्च 2020 में 56 वर्ष बाद दिल्ली (भारत) में इंटरनेशनल ज्योलाॅजिकल कांग्रेस की बैठक होने वाली है. इस सम्मेलन में आने वाले विश्व के वैज्ञानिकों को दूधी नदी के हिम युग के अवशेष का अवलोकन करवाया जाएगा. यह भी बताया गया कि 30 करोड़ साल पूर्व में मौजूद हिम के पिघलने व बहने के कारण चट्टानों में जो चिह्न बनते हैं वे यहां मौजूद हैं. इतना ही नहीं समुद्र के अंदर पाए जाने वाले जीवाश्म व पत्थरों के प्रकार भी यहां उपलब्ध हैं.

ऐसे में समझा जा रहा है कि हिम युग के बाद यहां कभी समुद्र हुआ करता होगा? उन्होंने बताया कि इसको लेकर आईजीसी ने राशि मुहैया करायी है और आगे भी राशि मुहैया करायी जानी है. इधर भू-वैज्ञानिकों की चिंता इस नदी पर बनाए जा रहे चेक डैम को लेकर है. डाॅ. सिन्हा ने कहा कि चेक डैम के बनने से नदी में व्याप्त अवशेष डैम की पानी में ढंक जाएंगे, ऐसे में अति महत्वपूर्ण अवशेष दुर्लभ हो जाएंगे. भूगर्भ विशेषज्ञों ने इस क्षेत्र की ऐतिहासिकता को देखते हुए जिला प्रशासन से मिलकर चेक डैम निर्माण को रुकवाने की दिशा में प्रयास की बात कही.

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