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अब खुलेंगे ह्वेनसांग व फाह्यान के यात्रा वृतांत के राज

अब खुलेंगे ह्वेनसांग व फाह्यान के यात्रा वृतांत के राज

90 वर्ष बाद हटा 235 एकड़ जमीन से कब्जा,ब्रिटिश सरकार ने किया था नोटिफिकेशन

कुशीनगर, 06 दिसम्बर (उदयपुर किरण). चीनी यात्री ह्वेनसांग और फाह्यान ने अपने यात्रा वृतांत में रुद्रपुर की जिस सैकड़ों एकड़ जमीन का उल्लेख किया है. अब जाकर पुरातत्व विभाग उस जमीन की खुदाई कराकर रहस्य उजागर करेगा. भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की ईकाई उपमंडल कुशीनगर को उस 235 एकड़ जमीन पर 90 बर्ष बाद कब्जा मिला है. तत्कालीन ब्रिटिश सरकार ने बर्ष 1928 में संरक्षित क्षेत्र घोषित किया था.  चीनी यात्री के यात्रा वृतांत के आधार पर ब्रिटिश सरकार ने यह कदम उठाया था. पर जमीन पर कुछ लोग कब्जा कर क़ानूनी लड़ाई लड़ रहे थे.

यह जमीन देवरिया जिले के रुद्रपुर तहसील के अंतर्गत है. जिसे सहनकोट के नाम से जाना जाता है. पुरातत्व विभाग ने देवरिया जिला प्रशासन के सहयोग से भूमि की पैमाइश कराकर अपने कब्जे में ले लिया है. ब्रिटिश शासन ने आगरा व अवध संयुक्त प्रांत में स्थित पुरातात्विक महत्व के स्थलों का 1928 में सर्वेक्षण कराने के बाद इसे संरक्षित किया था.

संयुक्त प्रांत के गवर्नर के गजट के बाद प्रांत के सचिव एच ए लालो के नोटिफिकेशन के बाद यह क्षेत्र भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के संरक्षण में चला गया.लेकिन भूमि पर कुछ लोगों ने अतिक्रमण कर लिया था. चीनी यात्री ह्वेनसांग ने कुशीनगर से वाराणसी जाते हुए इस स्थल को देखा था.ह्वेनसांग और फाह्यान ने इस स्थल पर बड़ी मोनास्ट्री होने का भी वर्णन किया है. इस स्थल से वशिष्ठ सिंह व राजा रुद्र प्रताप सिंह का भी नाम जुड़ा है.

संरक्षण सहायक अविनाश चन्द्र त्रिपाठी के अनुसार यहां गुप्तकालीन बुद्ध से सम्बंधित स्मारक हैं.सारनाथ मंडल के अधीक्षण पुरातत्वविद एनके सिन्हा ने संरक्षण सहायक त्रिपाठी और सर्वेयर एके सिंह को निर्देश दिया था कि प्रशासन से मिलकर स्थल को चिह्नित कराएं.

डीएम देवरिया अमित किशोर और एसडीएम रुद्रपुर दिनेश मिश्र द्वारा एक टीम का गठन कर पैमाइश कराया गया. त्रिपाठी ने बताया कि जिला प्रशासन के सहयोग से जमीन को चिह्नित कर विभाग का पीलर लगा दिया गया है.अब बाउंड्रीवाल कराकर कल्चरल नोटिस बोर्ड लगाया जाएगा.इसके बाद उच्चाधिकारियों के निर्देश पर अगली कार्रवाई होगी.

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