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पथरी से पीडि़त 12 साल के बच्चे की निकाली पित्त की थैली

पथरी से पीडि़त 12 साल के बच्चे की निकाली पित्त की थैली

अजमेर, 15 अक्टूबर (उदयपुर किरण). पथरी से पीडि़त 12 वर्षीय बालक का मित्तल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर, पुष्कर रोड अजमेर में जनरल सर्जन डॉ ब्रिजेश माथुर ने दूरबीन तकनीक से उपचार कर उसकी पित्त की थैली निकाल दी. हॉस्पिटल का यह पहला सबसे कम उम्र का बच्चा था जिसकी दूरबीन पद्धति से पित्त की थैली निकाली गई. बच्चे के पित्त की थैली में 25 से 30 पथरी थीं.

डॉ ब्रिजेश ने बताया कि नाका मदार, अजमेर निवासी सुशील कुमार के पुत्र दक्ष पराडकर को पिछले एक साल से अक्सर पेट में दर्द रहा करता था और उल्टी हुआ करती थी. बच्चे की जांच करने पर पाया कि उसके पित्त की थैली में मल्टीपल स्टोन्स हैं. डॉ ब्रिजेश माथुर ने बताया कि बच्चे के पित्त की थैली नहीं निकाली जाती तो उसे पीलिया हो सकता था, पित्त की थैली में मवाद पड़ सकता था, उसे संक्रमण हो सकता था. डॉ ने बताया कि कभी-कभी इस स्थिति में पीडि़त को पित्त की थैली का कैंसर भी हो जाता है. डॉ ब्रिजेश माथुर ने बताया कि एनेस्थीसियोलोजिस्ट अनुराग नेल्सन, डॉ सुनील माथुर एवं टीम के सहयोग से बच्चे का दूरबीन तकनीक से ऑपरेशन कर उसकी पित्त की थैली को बाहर निकाला गया. बच्चा अब पूर्ण रूप से स्वस्थ्य है. उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है.

क्या हैं कारण: सामान्य रूप से इतनी कम उम्र में यह बीमारी नहीं होती है किन्तु आजकल अनियंत्रित व अनियमित खान पान, फास्ट फूड का अत्यधिक सेवन करने से बच्चों में यह रोग होने लगा है.

क्या है बचाव: बच्चों के परिवारजनों को चाहिए कि वे नियंत्रित व पौष्टिक भोजन बच्चों को उपलब्ध कराएं साथ ही घर में नियमित शारीरिक श्रम या व्यायाम का वातावरण बनाएं. जहां तक कोशिश हो तला हुआ तथा फास्ट फूड से परहेज रखने का प्रयास करें.

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