Wednesday , 16 October 2019
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रेलवे में बंपर भर्ती: यह है सरकार का मकसद?

नई दिल्ली।  भारतीय रेलवे ने करीब 90 हजार कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है। भर्तियां असिस्टेंट लोको पायलट्स, टेक्निशंस, गैंगमेन, स्विचमेन, ट्रैकमेन, केबिनमेन, वेलडर्स, हेल्पर्स और पोर्टर्स के पदों पर होंगी। माना जा रहा है कि सरकार यह भर्तियां विपक्ष की आलोचनाओं का जवाब है। विपक्ष एनडीए सरकार पर रोजगार के पर्याप्त अवसर पैदा नहीं करने को लेकर हमला करता रहा है। दूसरी ओर रेलवे में खाली पदों को भरने का मकसद रेलवे की सुरक्षा को मजबूत करना है। पिछले कुछ समय से रेल दुर्घटनाएं बढ़ गई हैं। ऐसे में रेल दुर्घटनाओं से निपटना रेल मंत्री पीयूष गोयल की प्राथमिकता है। सारी भर्तियां लगभग सुरक्षा से संबंधित श्रेणी में ही होनी है।

रेलवे में सुरक्षा से संबंधित करीब 1.2 लाख पद खाली हैं। रेलवे ज्यादा से ज्यादा ग्राउंड लेवल वर्कफोर्स की भर्ती करके अपने सेफ्टी इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। सरकार के इस कदम को सही ठहराते हुए एक अधिकारी ने बताया कि भर्ती काफी समय से लंबित थी क्योंकि हर साल रेलवे में 40,000 से 45,000 कर्मचारी सेवानिवृत्त होते हैं और रेलवे की सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता है। इससे सरकार को हर साल करीब 4,000 करोड़ रुपये अतिरिक्त खर्च करना होगा।
गौरतलब है कि रेलवे ने डी कैटिगरी में 63,000 नौकरियों के लिए नोटिफिकेशन जारी किया है जिनमें गैंगमेन, ट्रैकमेन एवं अन्य पद शामिल हैं। इसके अलावा लोको पायलट्स और असिस्टेंट लोको पायलट्स के 26,500 पदों के लिए भी नोटिफिकेशन जारी हुआ है।
विवाद
भर्ती के लिए न्यूनतम योग्यता और आयु सीमा को लेकर विवाद खड़ा हो गया था। विवाद बढ़ता देख रेलवे ने 62,907 पदों के लिए न्यूनतम योग्यता में राहत दी और आईटीआई या समकक्ष सर्टिफिकेट की जरूरत को हटा दिया। अब दसवीं पास कोई भी कैंडिडेट इन पदों के लिए आवेदन कर सकता है। रेलवे ने सभी श्रेणियों की आयु सीमा में भी 2 साल कम कर दिए हैं।

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