Tuesday , 16 July 2019
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बेराजगारों ने उठाई शिक्षक भर्ती नियमावली यथावत रखने की मांग

बेराजगारों ने उठाई शिक्षक भर्ती नियमावली यथावत रखने की मांग

देहरादून, 17 जून (उदयपुर किरण). उत्तराखंड प्राथमिक शिक्षक भर्ती संगठन ने प्रदेश के शिक्षा मंत्री  से वर्तमान प्राथमिक शिक्षक भर्ती नियमावली यथावत रखने की मांग की है. उन्होंने ​शिक्षा मंत्री अरविदं पांडे को ज्ञापन भेजा. प्रशिक्षुओं ने मांग पूरी न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी. सोमवार को प्रेस वार्ता में उत्तराखंड प्राथमिक शिक्षक भर्ती संगठन से जुड़े बेरोजगार बीएड प्रशिक्षु मनोहर सिंह ने कहा कि वर्तमान शिक्षा नियमावली संविधान के अनुच्छेद 16 के अनुसार लोक नियोजन में अवसर, समता और समानता के आधार पर है. साथ ही योग्य एवं समानता के आधार पर चयन सभी बीएड प्रशिक्षुओं को एक साथ मौका देते हुए किसी अभ्यर्थियों के साथ कोई खिलवाड़ नहीं है. जबकि वर्षवार चयन समानता एवं योग्यता का हनन करती है. पूर्व से चली आ रही प्रक्रिया में बदलाव एक विकसित एवं योग्य समाज की मांग है.

वर्षवार नियुक्ति देना अतार्किक
प्रशिक्षुओं ने कहा कि सरकार ने वर्षवार नियुक्ति देना अतार्किक एवं असंगत है, क्योंकि लाखों लोगों को इस प्रक्रिया से नियुक्ति देना संभव नहीं है. वहीं, दोबारा शिक्षा नियमावली में बदलाव से प्रशिक्षुओं का मानसिक एवं आर्थिक शोषण होना तय है. ऐसे में नियमावली को यथावत रखना ही ठीक होगा. प्रशिक्षु सुल्तान सिंह ने कहा कि एक ओर तो शिक्षा मंत्री शिक्षा में गुणवत्ता पर जोर देते हैं. वहीं, दूसरी तरफ वर्षवार वरिष्ठता को प्राथमिकता देते हैं. जो कि शैक्षिक गुणवत्ता के विपरीत है. वरिष्ठता के माध्यम से शिक्षकों की योग्यता पर प्रश्नचिन्ह लग रहा है, जो कि अनुचित है. जब योग्य अभ्यर्थी उपलब्ध हैं, तो मात्र अल्पसंख्यक अभ्यर्थियों के लाभार्थ नियमावली परिवर्तन करना उचित नहीं होगा.


मांग पूरी न होने पर आंदोलन
बेरोजगारों ने मांग की कि सरकार किसी विशेष श्रेणी की नाजायज मांगों के दबाव को न मानते हुए राज्य हित में फैसला लेकर वर्तमान नियमावली को यथावत रखने काम करें. कुछ अभ्यार्थियों के दबाव में आकर राज्य के भविष्य के साथ खिलवाड़ ना किया जाए. कहा कि यदि सरकार ऐसा नहीं करती है तो यह उच्चतम न्यायालय के उस आदेश की अवहेलना होगी जिसमें ज्येष्ठता की अपेक्षा श्रेष्ठता के आधार पर चयन की बात की गई है. उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने वर्तमान नियमावली को यथावत नहीं रखा तो मजबूर होकर प्रशिक्षुओं को कानून की शरण में जाना होगा. इतना ही नहीं उन्हें सड़कों पर उतरकर आंदोलन के लिए बाध्य होना होगा.

इस मौके पर रोहित, गुडमोहन, कोमल, अंजली, मनोहर सिंह, कपिल शर्मा, हर्ष, सुल्तान सिंह, चुन्नी, शोभन, बाबू सिंह, विनोद सिंह, पल्लवी, रीना व लोकेश आदि संगठन से जुड़े बीएड प्रशिक्षु मौजूद रहे.

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