Tuesday , 16 July 2019
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पांच करोड़ अल्पसंख्यक विद्यार्थियों को स्कॉलरशिप दी जाएगी, 50 प्रतिशत हिस्सा लड़कियों का : नकवी

पांच करोड़ अल्पसंख्यक विद्यार्थियों को स्कॉलरशिप दी जाएगी, 50 प्रतिशत हिस्सा लड़कियों का : नकवी

नई दिल्ली, 11 जून (उदयपुर किरण). सरकार ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ‘सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास’ की नीति को अमलीजामा पहनाते हुए मंगलवार को अल्पसंख्यकों के शैक्षिक उन्नयन के लिए एक बड़ी योजना की घोषणा की. इसके तहत अगले पांच वर्षों में इन समुदायों के पांच करोड़ विद्यार्थियों को स्कॉलरशिप दी जाएगी, जिनमें 50 प्रतिशत हिस्सा लड़कियों का होगा.

केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने नई दिल्ली में अंत्योदय भवन में मौलाना आज़ाद एजुकेशन फाउंडेशन की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि केंद्र सरकार के “तीन ई – एजुकेशन(शिक्षा), एम्प्लायमेंट(रोजगार व रोजगार के मौके) एवं इम्पावरमेंट(सामाजिक-आर्थिक-सशक्तिकरण)” कार्यक्रम के तहत अगले पांच वर्षों में प्री-मैट्रिक, पोस्ट मैट्रिक एवं मेरिट-कम-मीन्स आदि योजनाओं द्वारा पांच करोड़ विद्यार्थियों को स्कॉलरशिप दी जाएगी. इनमें 50 प्रतिशत हिस्सा लड़कियों का होगा. आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग की लड़कियों के लिए 10 लाख से ज्यादा बेगम हजरत महल बालिका स्कॉलरशिप इस कार्यक्रम में शामिल हैं. नकवी ने कहा कि अल्पसंख्यक वर्ग की स्कूल ड्रॉपआउट लड़कियों को देश के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों से ब्रिज कोर्स करा कर उन्हें शिक्षा और रोजगार से जोड़ा जाएगा.

केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि देशभर के मदरसों में मुख्यधारा की शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लिए मदरसा शिक्षकों को विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों से प्रशिक्षण दिलाया जाएगा ताकि वे मदरसों में मुख्यधारा की शिक्षा- हिंदी, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान, कंप्यूटर आदि दे सकें. यह काम अगले महीने से शुरू कर दिया जाएगा.

नकवी ने कहा कि जिन क्षेत्रों में शैक्षणिक संस्थाओं के लिए पर्याप्त ढांचागत सुविधाएं नहीं है वहां प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम(पीएमजेवीके) के तहत पॉलिटेक्निक, आईटीआई, गर्ल्स हॉस्टल, स्कूल, कॉलेज, गुरुकुल टाइप आवासीय विद्यालय, कॉमन सर्विस सेंटर आदि का यु़द्ध स्तर पर निर्माण शुरू किया गया है.

नकवी ने कहा कि “पढ़ो और बढ़ो” जागरुकता अभियान के अंतर्गत उन सभी दूर-दराज क्षेत्रों में जहां सामाजिक एवं आर्थिक रूप से पिछड़ापन है तथा लोग अपने बच्चों को शैक्षणिक संस्थानों में नहीं भेज पा रहे हैं, उन माता-पिताओं को अपने बच्चों को शैक्षणिक संस्थानों में भेजने हेतु जागरूक एवं प्रोत्साहित किया जाएगा. इसमें विशेष रूप से लड़कियों की शिक्षा पर फोकस किया जाएगा. साथ ही शैक्षणिक संस्थाओं को सुविधा एवं साधन उपलब्ध कराने के लिए प्रभावी काम किया जाएगा.

नकवी ने कहा कि इसके अलावा, आर्थिक रूप से कमजोर अल्पसंख्यक- मुस्लिम, ईसाई, सिख, जैन, बौद्ध, पारसी- युवाओं को केंद्र एवं राज्य की प्रशासनिक सेवाओं, बैंकिंग, कर्मचारी चयन आयोग, रेलवे एवं अन्य प्रतियोगी परिक्षाओं हेतु फ्री-कोचिंग की व्यवस्था की जाएगी. उन्होंने  कहा कि इस अभियान के तहत नुक्कड़ नाटकों, लघु फिल्मों आदि जैसे सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से जागरुकता और प्रोत्साहन का अभियान चलाया जाएगा. इस कड़ी में पहले चरण में देश के 60 अल्पसंख्यक बहुल जिलों को चयनित कर इस अभियान को प्रारंभ किया जाएगा.

नकवी ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व वाली “इंसाफ, ईमान और इकबाल की सरकार” ने “विकास की सेहत” को “साम्प्रदायिकता एवं तुष्टीकरण की बीमारी” से मुक्ति दिलाकर “सेहतमंद समावेशी सशक्तिकरण” का माहौल तैयार किया है.

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