Wednesday , 18 September 2019
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पश्चिम बंगाल में शिशु मृत्यु दर में आई कमी

पश्चिम बंगाल में शिशु मृत्यु दर में आई कमी

Kolkata, 29 जुलाई (उदयपुर किरण). पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को दावा किया है कि उनके शासन के दौरान पश्चिम बंगाल में शिशु मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी आई है. 29 जुलाई को पूरी दुनिया में मनाए जा रहे ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्ट(ओआरएस) दिवस के मौके पर उन्होंने एक ट्वीट किया है. अपने ट्वीट में उन्होंने लिखा, “आज पूरी दुनिया ओआरएस दिवस मना रही है. कम खर्च में स्वास्थ्य के लिए इसकी भूमिका सीमाहीन है. एक्यूट डायरिया बच्चों की मृत्यु का सबसे बड़ा कारण है. मैं कहना चाहती हूं कि पश्चिम बंगाल में विगत आठ सालों में शिशु मृत्यु दर प्रति हजार 32 से घटकर 25 पर पहुंच गया है.”

ओआरएस दिवस ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्ट के महत्व को उजागर करने के लिए प्रतिवर्ष 29 जुलाई को मनाया जाता है क्योंकि यह स्वास्थ्य का किफ़ायती-प्रभावशाली उपाय है. एक्यूट दस्त/डायरिया रोग कई विकासशील देशों में नवजात शिशुओं और वयस्क बच्चों में मृत्यु के प्रमुख कारणों में से एक हैं. डब्ल्यूएचओ के अनुसार, अतिसारीय रोग पांच साल से कम उम्र के बच्चों में मौत का दूसरा प्रमुख कारण है. दस्त/डायरिया अक्सर अस्वच्छता और सफ़ाई की उचित व्यवस्था न होने के कारण होता है. इसके गंभीर और घातक परिणाम हो सकते हैं. इसके परिणामस्वरुप सामान्यत: डायरिया से संबंधित डिहाइड्रेशन हो सकता है. यह विशेष रूप से शिशुओं, बच्चों और बूढ़े व्यक्तियों को प्रभावित करता है.

डायरिया सामान्यत: कई दिनों तक रहता है एवं शरीर में पानी व नमक की कमी हो जाती है, जो कि शरीर के लिए बेहद ज़रूरी है. ज़्यादातर लोग, जो कि डायरिया से मर जाते हैं वास्तव में वे शरीर में गंभीर डिहाइड्रेशन और तरल पदार्थ की कमी से मरते हैं. दस्त/डायरिया से होने वाली पानी की कमी को घर पर अतिरिक्त तरल पदार्थ देकर रोका जा सकता है या इसे “पर्याप्त ग्लूकोज-इलेक्ट्रोलाइट सोल्यूशन अर्थात् जिसे ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्ट(ओआरएस) सोल्यूशन कहा जाता है” के माध्यम से सरल और प्रभावी ढंग से उपचारित किया जा सकता है. ओआरएस (ओआरएस व जिंक) की जोड़ी सामान्य दस्त/डायरिया और एक्यूट दस्त/डायरिया के प्रबंधन एवं डिहाइड्रेशन को रोकने में सफल सिद्ध हुई है. ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्ट में विभिन्न तरह का नमक (इलेक्ट्रोलाइट्स) और चीनी होती है. आंत से इलेक्ट्रोलाइट्स और चीनी के मिश्रण को अवशोषित किया जाता है, इसलिए यह दस्त/डायरिया और उल्टी जैसी स्थितियों में डिहाइड्रेशन को रोकता या परिवर्तित करता है तथा नमक की कमी को भी पूरा करता हैं. ओआरएस पाउडर बाज़ार में उपलब्ध है या इसे आसानी से घर पर भी बनाया जा सकता है.

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