Wednesday , 16 October 2019
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दिमाग की कसरत करने से दूर रहेगा डिस्लेक्सिया का खतरा

दिमाग की कसरत करने से दूर रहेगा डिस्लेक्सिया का खतरा

पढ़ने, लिखने या बोलने से संबंधित विकार डिस्लेक्सिया से बचाने के लिए विशेषज्ञों ने दिमाग को लगातार प्रशिक्षित करने का सुझाव दिया है। एक अध्ययन में कहा गया है कि मस्तिष्क के उन हिस्सों का लगातार प्रशिक्षण बेहद जरूरी है, जो लिखने, पढ़ने या बोलने की क्रिया के लिए जिम्मेदार होते हैं।

शोधकर्ताओं का कहना है कि बोलने में परेशानी अनुभव करने वाले डिस्लेक्सिया के मरीजों के लिए ध्वनि और मस्तिष्क के बीच तारतम्य बनाना बेहद जरूरी होता है। स्पेन स्थित बास्क सेंटर ऑन कॉग्निशन, ब्रेन एंड लैंग्वेज (बीसीबीएल) के शोधकर्ताओं ने 72 से अधिक डिस्लेक्सिया पीड़ितों के आंकड़ों के अध्ययन के बाद यह निष्कर्ष निकाला है। प्रमुख शोधकर्ता निकोला मोलिनारो का कहना है कि भाषा को समझने और उसे बोलने के लिए मस्तिष्क को प्रशिक्षित करने वाले हिस्से का ध्वनि के साथ सामंजस्य होना बेहद जरूरी होता है।

शोध में पता चला है कि समकालीन होने पर मस्तिष्क के भाषा से संबंधित हिस्से अधिक संवेदनशील हो जाते हैं और उन्हें प्रतिक्रिया करने में समय नहीं लगता है। इस हिस्से को ब्रोका कहते हैं और यह मस्तिष्क के सामने की ओर बायीं तरफ होता है।

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