Wednesday , 17 July 2019
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डाउट क्लीयर करने पर ही नींद आती थी- कार्तिकेय

डाउट क्लीयर करने पर ही नींद आती थी- कार्तिकेय

कोटा 14जून (उदयपुर किरण) सोशल मीडिया से दूर रहकर  रोजाना क्लास के बाद 7 घंटे शेड्यूल बनाकर सेल्फ स्टडी करने वाला महाराष्ट्र के छोटे से कस्बे चंद्रपुर  के  कार्तिकेय गुप्ता ने पहले प्रयास में ही जेईई-एडवांस्ड,2019 में ऑल इंडिया टॉपर बनने का कीर्तिमान रच दिया बल्कि आईआईटी मुम्बई की सीएस ब्रांच से बीटेक करने का अपना सपना साकार करने का मार्ग  प्रशस्त कर लिया . वह एलन कॅरिअर इंस्टीट्यूट, मुंबई  के कोटा सेंटर में कोचिंग ले रहा था . उसने  जेईई-मेन,2019 में भी वह 100 परसेंटाइल स्कोर के साथ एआईआर-18 तथा महाराष्ट्र में स्टेट टॉपर-2 रहा. इस वर्ष सीबीएसई-12वीं बोर्ड परीक्षा 93.7 प्रतिशत अंकों से उतीर्ण की थी.
हिन्दुस्थान समाचार  सम्वाददाता से विशेष साक्षात्कार में कार्तिकेय ने कहा ” मै  2017 से इस सेंटर में पढाई कर रहा है. आईआईटी मुंबई में सीएस ब्रांच में बीटेक करने का ख्वाब था जो अब सच हो रहा है. संस्थान के निदेशक व मेंटर बृजेश माहेश्वरी ने एग्जाम से पहले उसे मोटिवेट किया. संस्थान में शिक्षकों ने भी विद्यार्थियों के साथ सालभर उतनी ही मेहनत की.  यहां क्लास में अच्छे पढ़ने वाले दोस्त मिले  साथ ही पढ़ाने वाले अनुभवी शिक्षक मिलने से मेरी स्ट्रैन्थ काफी बढ़ गई. क्लास के बाद 7 घंटे शेड्यूल बनाकर सेल्फ स्टडी की. खुद की पॉजिशन को चेक करने के लिये मॉक टेस्ट दिये. एलन के वीकली टेस्ट से परफॉर्मेन्स में सुधार हुआ. हर सब्जेक्ट में डाउट क्लीयर करने के बाद ही मुझे नींद आती थी. “
इन बातों से मिलती है अच्छी रैंक —
कार्तिकेय का मानना है कि हर स्टूडेंट अपना लक्ष्य हासिल करने के लिये शांत दिमाग से तैयारी करता रहे. हमारा मुकाबला खुद से हो. रोज पढ़ाई को एंजॉय करें. जो भी टॉपिक पढ़े, एकाग्रता से पढे़ं. टीचर्स कुछ गाइडलाइंस देते हैं, उनको फॉलो करते रहें. रेगुलर क्लास के बाद होमवर्क पूरा करने की रणनीति बनाएं. इससे रोज नये डाउट्स सामने होते हैं और रिवीजन भी अच्छा हो जाता है. रोजाना पढाई करने का शैड्यूल बनाकर पढें. प्रत्येक दो घंटे के बाद खुद को रिलैक्स करें. मैने  2 साल वाट्सअप या पफेसबुक से दूर रहा. केवल की-पेड वाला फोन इस्तेमाल किया.
रामानुजन मेरे रोल मॉडल —
महान गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन मेरे रोल मॉडल हैं. उन्होने कम संसाधनों व सुविधाओं के बावजूद गणित विषय में भारत का नाम दुनिया में रोशन किया. आईआईटी मुम्बई की सीएस ब्रांच से बीटेक करने का सपना अब सच होने जा रहा है. वर्ष 2017 व 2018 में केवीपीवाय फैलोशिप के लिये क्वालिफाई हुआ.  आईएनपीएचओ, आईएनसीएचओ, आईएनएओ एवं आईएनजेएसओ में सलेक्शन से मनोबल उंचा रहा. पापा चन्द्रेश गुप्ता पेपर इंडस्ट्री में जनरल मैनेजर और मां पूनम गुप्ता गृहिणी है. मम्मी-पापा चन्द्रपुर से लगातार मुझसे संपर्क में रहते थे. बड़ा भाई भारतीय विद्या भवन सरदार पटेल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, मुम्बई से सीएस ब्रांच में बीटेक कर रहा है.

 

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