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जटिल ऑपरेशन से आशीष ने पायी नई जिंदगी

जटिल ऑपरेशन से आशीष ने पायी नई जिंदगी

बिलासपुर 04 मई (उदयपुर किरण). बच्चों में हर चीज को जानने समझने की उत्सुकता होती है और चीजों को समझने के लिए वे उसे मुंह में डाल लेते हैं. वैसे मेडिकल टर्म्स में इसे बायका कहा जाता है. बच्चों में कई खनिज तत्व जैसे आयरन, कैल्शियम, जिंक की कमी होने पर भी बच्चे इस तरह की हरकत करते हैं, लेकिन कभी-कभी यही हरकत बच्चों के लिए जानलेवा बन सकती है. ऐसा ही मामला अपोलो अस्पताल में आया. जिसके सफल ऑपरेशन से जान बच गई. ऐसे मामले की जागरूकता के लिए अपोलो प्रबंधन ने शनिवार को प्रेसवार्ता ली.

प्रेसवार्ता में जानकारी देते हुए सीओओ सजल सेन ने बताया कि बलौदा क्षेत्र के गांव सलोनीकला निवासी 18 माह के आशीष धृत लहरे का ऑपरेशन किया गया. नन्हे आशीष के पिता दयाल धृतलहरे अब इस दुनिया में नहीं है. मां चंद्रिका बाई अकेली बच्चे की देखभाल करती है. इसी बीच पता नहीं कब बच्चे ने एक हेयर पिन निगल लिया. इसके बाद अक्सर आशीष को बुखार रहने लगा और वह हमेशा खांसता रहता. परिजनों ने समझा कि बच्चे को मामूली खांसी और बुखार है. स्थानीय डॉक्टर भी इसे पकड़ नहीं पाए. पेंड्रा में जब आशीष की छाती का एक्सरे किया, तो पता चला कि उसके बाएं फेफड़े के निचले हिस्से में एक हेयर पिन अटका पड़ा है. इस जटिल समस्या के बाद आशीष के परिजन उसे बिलासपुर ले आये. 8 अप्रैल को आशीष के परिजन आशीष को लेकर बिलासपुर अपोलो पहुंचे. जाँच के दौरान एक्सरे में आशीष के एक फेफड़े में कोई हेयर पिन अटका हुआ नज़र आया. जिसके बाद सीटी स्कैन किया गया. करीब 1 महीने तक यह पिन आशीष आशीष के फेफड़े में रहने की वजह से फेफड़े में संक्रमण फ़ैल चुका था और आसपास भी गहरा घाव बन चुका था.

लेकिन एक फेफड़ा सही सलामत होने की वजह से आशीष सही तरीके से सांस ले पा रहा था. लेकिन ऐसी स्थिति उसके लिए कभी भी जानलेवा बन सकती थी. जिसे देखते हुए बिलासपुर अपोलो ने एक टीम बनाया. जिसमें ईएनटी स्पेशलिस्ट डॉक्टर पी.पी. मिश्रा, एनेस्थीसिया देने वाली डॉक्टर रसिका कनस्कर, डॉ. विनीता और पीडियाट्रिक डॉक्टर इंदिरा मिश्रा इस टीम का हिस्सा बनाये गए. इनके लिए भी यह ऑपरेशन बेहद जटिल था, क्योंकि छोटे बच्चे को ऑक्सीजन देना भी मुश्किल भरा काम था. आशीष को अपोलो में टेलीस्कोपिक बाय स्कोप, सीआर इंस्ट्रूमेंट जैसे कुछ बेहद अत्याधुनिक उपकरण से करीब ढाई घंटे चले ऑपरेशन के बाद हेयर पिन को सफलतापूर्वक आशीष के फेफड़े से निकाल दिया गया.


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