Sunday , 21 July 2019
Breaking News
गर्मी में डायरिया की अनदेखी से जा सकती है बच्चे की जान, बचाव के लिए खानपान का रखें ध्यान, तरल पदार्थों का करें ज्यादा सेवन

गर्मी में डायरिया की अनदेखी से जा सकती है बच्चे की जान, बचाव के लिए खानपान का रखें ध्यान, तरल पदार्थों का करें ज्यादा सेवन

फर्रुखाबाद, 06 मई (उदयपुर किरण). गर्मियों के मौसम में जैसे-जैसे पारा चढ़ रहा है, वैसे-वैसे संक्रामक रोग पैर पसार रहे हैं. इस मौसम में डायरिया से बचाव बेहद जरूरी है. इस पर सोमवार को वरिष्ठ फिजिशियन डाॅक्टर केएम द्विवेदी ने बताया कि इस मौसम में बच्चों को जुकाम होना अथवा दस्त होना एक आम समस्या है. यह समस्या घातक बीमारी का रुप ले सकती है, इस बात की समझ हर अभिभावक को होना अत्यंत आवश्यक है. यदि समय रहते ही इन लक्षणों को पहचान कर सावधानी नहीं बरती तो मामूली सी दिखने वाली यह बीमारियां बच्चों के जानलेवा सिद्ध हो सकती हैं.

डायरिया का संक्रमण खासतौर से तीन तरह के वायरस से होता है. नोरो, रोटा और एडेनो वायरस. नोरों और रोटा वायरस पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों को संक्रमित करता है. हालांकि वयस्कों को भी यह शिकार बनाता है, लेकिन एडेनो वायरस हर उम्र के लोगों के लिए घातक है. डॉक्टर राममनोहर लोहिया महिला चिकित्सालय के अधीक्षक डॉ. कैलाश दुल्हानी ने बताया कि यदि दिन में चार से अधिक बार ज्यादा मात्रा में पतला मल त्याग हो रहा है, तो इसे डायरिया का लक्षण मानते हुये डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए.

डायरिया जल्दी काबू में न आए तो डीहाइड्रेशन भी हो सकता है. ऐसी स्थिति में मरीज को कमजोरी महसूस होना और उसको बुखार आना सामान्य बात है. डायरिया से शरीर में पानी और खनिज तत्वों की कमी होने लगती है. स्थिति न संभलने पर मरीज बेहोश हो सकता है और उसकी जान भी जा सकती है. जिला महिला चिकित्सालय के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. शिवाशीष उपाध्याय के अनुसार गर्मियों के मौसम में डायरिया रोग में वृद्धि होती है, अभिभावकों को इस समय में अपने बच्चों पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता होती है. माताओं को अपने बच्चों को छह माह तक केवल स्तनपान कराना चाहिए और छह माह उपरान्त पूरक आहार देना चाहिए. इससे बच्चों में प्रतिरोधक क्षमता बनी रहे.

डायरिया के कारण

-प्रदूषित भोजन और पानी.
-पेट में कीड़ों या बैक्ट्रियां के संक्रमण से वायरल इन्फेक्शन होना.
-शरीर में जल की कमी और दवा रिएक्शन होना, पाचन शक्ति कमजोर होना आदि है.
-अतिसार के लक्षणों के रुप में दस्त आने के पहले हलका, मीठा पेट दर्द होना, कभी थोड़ा गाढ़ा तो कभी पानी के समान की तरह तेजी के साथ मल निकलना.
-शारीरिक दुर्बलता, पेट दबाने पर पीड़ा होना, जीभ सूखना इसके अलावा हाथ-पैर ठंडे पड़ना, शरीर में बेचैनी, थकान आदि लक्षण देखने की मिलते हैं.
डायरिया होने पर इनका करें सेवन

-अधिकाधिक मात्रा में तरल पदार्थ लें.
-तेल मसाले वाले खाने से परहेज करें.
-दो दिन तक बच्चे को दूध व वसायुक्त भोजन न दें.
-शरीर में पानी की कमी न होने दें.
-समय-समय पर ओआरएस का घोल देते रहें.


https://udaipurkiran.in/hindi

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*

Inline

Click & Download Udaipur Kiran App to read Latest Hindi News

Inline

Click & Download Udaipur Kiran App to read Latest Hindi News