Wednesday , 16 October 2019
Breaking News

कमजोर हड्डियों का राज खोलता शोध

अभी तक समझा जाता रहा है कि हड्डियां उम्र के कारण कमजोर होती हैं, लेकिन एक नवीन शोध से पता चला है कि हड्डियों की कमजोरी का कारण कुछ और ही है। शोधकर्ताओं ने एक ऐसी प्रणाली की पहचान की है जो बताता है कि बुजुर्गो की हड्डियों में कमजोरी क्यों आ जाती है। साथ ही शोधकर्ताओं ने ऐसा तरीका खोज निकाला है, जिसके जरिए बढ़ती उम्र के साथ हड्डियां कमजोर होने के इलाज में काम आ सकता है। शोधकर्ताओं ने पाया कि ऑस्टियोपोरोसिस यानी हड्डी के पतलेपन और डेंसिटी में कमी के कारण हड्डी टूटने का खतरा बढ़ जाता है। यह बुजुर्गो की एक प्रमुख स्वास्थ्य समस्या है। अक्सर ये हालात बोन मैरो में फैट सेल्सर की वृद्धि के साथ पैदा होते हैं। बर्मिघम के अलबामा विश्वविद्यालय के प्रोफेसर यू-पिंग ली के एक अध्ययन में सामने आया है कि सीबीएफ-बीटा नामक एक प्रोटीन हड्डियों के बनने में मददगार कोशिकाओं को शरीर में बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
एक परीक्षण में पाया गया कि युवाओं की तुलना में वृद्ध लोगों की बोन मैरो सेल्स में सीबीएफ-बीटा का स्तर कम पाया गया। इस निष्कर्ष से पता चलता है कि इस प्रणाली में खराबी आने पर, कोशिकाएं हड्डियों को बनाने में मदद करना बंद कर देती हैं और फैट सेल्स को बनाने में मदद करती हैं। ली ने कहा कि सीबीएफ-बीटा नाम के प्रोटीन को बनाए रखना ह्यूमन लाइफ रिलेटिड ऑस्टियोपोरोसिस को रोकने में मदद कर सकता है। शोधकर्ताओं के अनुसार इस प्रणाली की जानकारी होने से कम से कम साइड इफेक्ट के साथ ह्यूमन बोन मेरो का इलाज किया जा सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*