Wednesday , 17 July 2019
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अपोलो एनर्जी का 51.2 फीसदी हिस्सा खरीदेगी एचडीएफसी

अपोलो एनर्जी का 51.2 फीसदी हिस्सा खरीदेगी एचडीएफसी

मुंबई, 16 जून (हिं.स.). एचडीएफसी लिमिटेड ने अपोलो म्यूनिख हेल्थ इन्श्योरेंस में 51.2 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने की घोषणा की है. एचडीएफसी लिमिटेड की ओऱ से बुधवार को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) को सूचित किया है कि एचडीएफसी लगभग 1347 करोड़ रुपए में हेल्थ इन्श्योरेंस कंपनी की हिस्सेदारी खरीदने जा रही है. 31 मार्च 2019 तक अपोलो म्यूनिख का ग्रॉस प्रिमियम वैल्यू 2,194.4 करोड़ रुपये था और शेयर कैपिटल वैल्यू 358.41 करो़ड़ रुपये थी.

हाउसिंग डेवलपमेंट फाइनेंस लिमिटेड (एचडीएफसी लिमिटेड) की ओर से मीडिया विभाग के अधिकारी केयुर चोटालिया ने बताया कि एचडीएफसी लिमिटेड ने अपोलो एनर्जी कंपनी लिमिटेड के 51.2 फीसदी इक्विटी शेयरों का अधिग्रहण करने के लिए कदम बढ़ा दिए हैं. कंपनी ने बुधवार को अपोलो एनर्जी कंपनी लिमिटेड, अपोलो हॉस्पिटल एंटरप्राइज लिमिटेड और कुछ शेयरधारकों से अपोलो म्यूनिख हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के 51.2 प्रतिशत इक्विटी शेयर हिस्से को अधिग्रहित करने के लिए समझौता किया है.

एचडीएफसी की ओऱ से बताया गया कि अपोलो हॉस्पिटल्स ग्रुप से बीमा कंपनी की 50.80 फीसदी हिस्सेदारी लगभग 1,336 करोड़ रुपए में खरीदने की योजना है. इसके बाद बाकी के 0.40 फीसदी हिस्सेदारी कंपनी के कर्मचारियों की ओऱ से 10.84 करोड़ रुपए में खरीदी जाएगी. एचडीएफसी के चेयरमैन दीपक पारेख ने भी कहा है कि जर्मनी की बीमा कंपनी म्यूनिख हेल्थ अपने संयुक्त उपक्रम को खत्म करने के लिए पहले अपोलो हॉस्पिटल्स और अपोलो एनर्जी को 294 करोड़ रुपए का भुगतान करेगी. इस मर्जर के बाद बनने वाली एंटिटी की 308 ब्रांचेस के साथ गैर जीवन बीमा उद्योग में कुल 6.4 फीसदी हिस्सेदारी होगी. इसके साथ ही बिजनेस की वैल्यू भी 10,807 करोड़ रुपए तक पहुंच जाएगी.

उल्लेखनीय है कि भारत की दूसरी सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा कंपनी के रूप में देश भर में  अपोलो म्यूनिख के ब्रांच कार्यरत हैं. यह चेन्नई के अपोलो हॉस्पिटल्स और जर्मनी की इन्श्योरेंस कंपनी म्यूनिख आरई की 51:49 के अनुपात में हिस्सेदारी वाला संयुक्त उपक्रम है. इससे पहले बताया गया था कि अपोलो हॉस्पिटल्स एंटरप्राइजेज के फाउंडर प्रताप रेड्डी पर बढ़ते कर्ज के भुगतान का दबाव है. इस कर्ज को चुकाने के लिए उन्होंने अपनी हिस्सेदारी बेचने का फैसला किया है.

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