Breaking News
Friday , August 18 2017
Home / INDIA / हिन्‍दुस्‍तान जिंक में 12 करोड़ का कोयला घोटाला

हिन्‍दुस्‍तान जिंक में 12 करोड़ का कोयला घोटाला

जावर माइन्स पावर प्लांट में सप्लाई हुआ 19 हजार टन नकली कोयला

उदयपुर। हिन्दुस्तान जिंक के जावर माइंस पावर प्लांट में आने वाला उच्च क्षमता वाले कोयले में मिलावट कर 19 हजार टन नकली कोयला सप्लाई कर दिया गया। जिसमें बाजार में किमत करीब 12 करोड़ रुपये है। जावर माइन्स पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर नकली कोयले से भरे दो ट्रक जब्त किये है। एक वर्ष से भी अधिक समय से यह गोरखधंधा चल था। इस पूरे मामले की जांच कर शीघ्र ही करोड़ों के घोटाले के रैकेट का पर्दाफाश किया जाएगा। इसमें जावर माइन्स से लेकर गुजरात के बंदरगाह तक के कई बड़े लोग ट्रांसपोर्ट विभाग के लिप्त होने के संकेत मिले है।

जावर माइन्स थानाधिकारी रामस्वरूप मीणा ने बताया कि जावर माइन्स पावर प्लांट के सुरक्षा मैनेजर कुलदीपसिंह जाट ने यूनाईटेड सर्विस लि. कपनी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई कि एक वर्ष से अधिक समय से बंदरगाह से पावर प्लांट तक सप्लाई होने वाले उच्च क्षमता वाले कोयले में मिलावट कर करीब 12 करोड़ रुपये से अधिक की कपनी के साथ धोखाधड़ी हुई है।

Zawar Mines Power Plantप्रकरण भादसं की धारा 420, 406, 407, 120बी में दर्ज किया गया। आज सप्लाई होने आए दो ट्रकों को रूकवाया और उनमें भरे कोयले के सेंपल लिए तो वह मिलावटी पाए गये। दोनों ट्रकों के चालक राजोरी का खेड़ा डूंगला चित्तौड़ निवासी महंत राज पुत्र मनुदेव दमामी और राजकोट गुजरात निवासी उस्मान पुत्र कासम मुसलमान को गिरफ्तार किया।

थानाधिकारी ने बताया कि दोनों से पूछताछ की तो बताया कि ट्रक गुजरात के बंदरगाह से रवाना होकर मेहसाणा जिले के बेसरिया गांव में एक गोदाम है वहां ले जाया जाता है जहां पर सुरा नामक व्यक्ति बंदरगाह से आने वाले सीलबंद ट्रकों की सीले तोड़ता है और उसमें से उच्च क्षमता वाला आधे अधिक कोयला खाली कर उसके स्थान पर घटिया कोयला भर देता है और पुन: सील कर देता है। इस हेराफेरी में हम भी उसका सहयोग करते है। इस पूरी धोखाधड़ी में ऊपर से लेकर नीचे तक के अधिकारी, कर्मचारी के शामिल होने के संकेत दिये है। थानाधिकारी ने बताया कि दोनों को कल अदालत में पेश कर रिमांड पर लेकर इस धोखाधड़ी के पूरे रैकेट का पर्दाफाश किया जाएगा।

जावर माइन्स पावर प्लांट पर विदेशों से कोयला मंगवाया जाता है। विदेशों से आने वाला सारा कोयला गुजरात के बंदरगाह पर आता है। हिन्दुस्तान जिंक द्वारा उक्त कोयले को बंदरगाह से पावर प्लांट तक पहुंचाने का ठेका यूनाइटेड सीपर्स लिमिटेड को दे रखा है। बंदरगाह से कोयले से भरे सीलबंद कंटेनर ट्रांसपोर्ट कपनी उठाती है और उसी की ट्रकों द्वारा माल को निर्धारित स्थान पर पहुंचाया जाता है।

Loading...

About editor