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Thursday , 23 November 2017

ईडाणा माता ट्रस्ट को राम रहीम का डेरा बना दिया था : कृष्णावत

पवित्र ट्रस्ट में पारदर्शिता व धार्मिक शुचिता को ताक में रख हो रहे थे कार्य

जेपी कछेर/भींडर। मेवल कि महारानी के नाम से ख्यात, अग्नि स्नान करने वाली ईडाणा माँ स्वयं एवं लाखों भक्त वर्तमान में स्वयं किसी अग्नि परीक्षा से गुजर रहै ऐसा इसलिए कि इस पवित्र धार्मिक स्थल के विकास, सरंक्षण व इसकी अस्मिता को अक्षुण रखने वाले ईडाणा माता ट्रस्ट के सदस्यों पर भ्रष्टाचार व अनियमितताओं के आरोप लग रहे है एवं स्वयं ट्रस्ट के सरंक्षक इस बात को मीडिया में स्वीकार कर रहे है कि ट्रस्ट में कुछ लोग भ्रष्टाचार में आकंठ डूबे है। यह विवाद धर्म स्थल से होकर सोशल मीडिया के बाद अब अखबारों की सुर्खियों में आ चूका है।

उदयपुर किरण ने इस विवाद के जड़ में जाकर सत्यता पता लगाने का प्रयास किया, उदयपुर किरण के सवांददाता ट्रस्ट के सदस्यों द्वारा बुलाई बैठक में भी सत्य के अन्वेषण हेतु गए व अब ट्रस्ट के सरंक्षक लवदेवसिंह कृष्णावत से भी सच जानने का प्रयास किया।

प्रश्‍न : पवित्र ईडाणा धर्म स्थल पर विवाद कैसा व क्यो?
लवदेव सिह : लाखों करोडों का चढ़ावा दान माता जी को भेट देते है श्रद्धालु अतः श्रद्धालुओं को भी जानने का हक कि उनके रुपयों का क्या यूज या मिस यूज हो रहा ,ट्रस्ट के सरंक्षक होने के नाते 2 साल से हिसाब माग रहा हु ,नही दिया गया है, श्रद्धालुओं के दान का मिस यूज हुआ है आरोप लग रहे है ,पर ट्रस्ट के सचिव मामले को रफा दफा करने का प्रयास कर रहे है।

प्रश्‍न : दो सालों से हिसाब नही दिया ,ट्रस्ट सचिव समेत कुछ लोगो पर मनमानी के आरोप अब तक आप चुप क्यो थे?
लवदेव सिह : ट्रस्ट सदस्यों पर मुझे ट्रस्ट था , मेरा दोष कि मेने भरोसा किया ,गलती मानता हूं पारिवारिक व अन्य व्यस्तताओ के चलते साल भर ज्यादा ध्यान नही दे पाया ओर सचिव अम्बालाल शर्मा ने मेरे विश्वास व भरोसे का नाजायज फायदा उठाया।

प्रश्‍न : किस तरह की अनियमितता व भ्रष्टाचार की शिकायतें आई है?
लवदेव सिह : ट्रस्ट की तिजोरियां सीसीटीवी कैमरों के सामने नही खोली जाती थी बल्कि ईडाणा से दूर लेजाकर खोली जा रही थी व रुपया दान का गड़प किया जाता। केवल एक या दो लोग सचिव अम्बालाल के पक्ष के होते थे जबकि परम्परा व नियम गाव के मोतबिरो ,ट्रस्ट सरंक्षक ,बैंक के लोग आदि के सामने सार्वजनिक रूप से दान पेटियां तिजोरियां खुलती। दूसरी बात चेक पर साइन अध्यक्ष नही करता ,सचिव खुद साइन कर रहा था। पूर्व ट्रस्ट अध्यक्ष पर भी सचिव द्वारा ब्लेंक चेक पर साइन करने का दबाव बनाया जाता था इसलिये उन्होंने इस्तीफा दिया। वर्तमान अध्यक्ष सुथार साहब ने भी यही कहा कि उनके चेक पर साइन नही होते थे उन्हें डमी बना रखा था जब अध्यक्ष साइन नही कर रहा था तो पेमेंट केसे उठ रहा था?

प्रश्‍न : जब कार्यकारिणी भंग कर दी गई सरंक्षक द्वारा तो भंग कार्यकारिणी के अध्यक्ष सचिव आदि ने बेठक ली ,इस बारे मे क्या कहेंगे?
लवदेव सिह : तानाशाही ,मनमानी ओर मामले को दबाने के लिए अपने पक्ष क़े लोगों को बुलाकर पूर्व प्रायोजित ड्रामा रचा गया । मंच से सच्चे लोगो व धर्म का साथ देने वालो पर व्यक्तिगत व झूठे आक्षेप लगाए गए मामले को दूसरी दिशा में मोड़ने की कोशिश हुई।

प्रश्‍न : ट्रस्ट की शुचिता ,पारदर्शिता ,लोगो के विश्वास हेतु आपका क्या स्टैंड रहेगा?
लवदेव सिह : धर्म हेतु ,सत्य हेतु प्राण भी देने पड़े तो दूंगा पर ईडाणा माँ जैसे पवित्र स्थल पर आंच न आने दूंगा। सरकार की टीम , व अन्य टीमों के द्वारा निष्पक्ष आडिट करवाया जाएगा , सम्पूर्ण समाज ,मोतबिरो ,प्रशासन ,छोटे बड़े सब के सामने हिसाब सार्वजनिक होगा जो दोषी होगा दण्ड का भागी बनेगा।

प्रश्‍न : जानकारी में आया है नवीन अध्यक्ष बनाया गया है?
लवदेव सिह : फिलहाल कार्यवाहक अध्यक्ष सर्वसम्मति से बनाया गया है , आडिट व 52 गावो की मीटिंग के बाद नियमानुसार चुनाव करवाये जाएंगे। भंग की गई कार्यकारिणी की कोई मीटिंग अधिकृत नही है।

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